सभी ब्लॉगर साथिओं को नव -संवत्सर २०६७ एवं नवरात्रों की हार्दिक शुभकामनाएं ...
---- राकेश वर्मा
महिला आरक्षण बिल
ब्लॉग जगत की सभी महिला लेखिकाओं को आज राज्य सभा में महिला आरक्षण बिल पास होने की बहुत - बहुत बधाई ....
देवियो....... !!!!
आने वाला वक़्त तुम्हारा है ...
अब हम ये कह सकेंगे कि नारी का हाथ केवल मर्द की सफलता के पीछे ही नही होता ... आगे भी होता है.......
हार्दिक शुभकामनाएँ
----- राकेश वर्मा
देवियो....... !!!!
आने वाला वक़्त तुम्हारा है ...
अब हम ये कह सकेंगे कि नारी का हाथ केवल मर्द की सफलता के पीछे ही नही होता ... आगे भी होता है.......
हार्दिक शुभकामनाएँ
----- राकेश वर्मा
महिला दिवस
***** आधुनिका से *****
नारी ! तेरा स्व -रूप देखकर, होती है हमको हैरानी,
कहाँ गया आंचल का दूध , कहाँ गया आँखों का पानी ...
तेरे जन्म से पहले हमने , लाखों पापड़ बेले ,
कई तरह के टेस्ट कराए, कहीं तू जन्म न लेले ,
पर इस दुनिया में आने की , थी तुमने पक्की ठानी .....
बचपन तेरा हमको भाया , पूरा हमने प्यार लुटाया,
लडकी होती धन पराया , यूँ हमने दिल को समझाया ,
जो भी माँगा वो दिलवाया, तेरी हर जिद हमने मानी...
जाने लगी थी फिर स्कूल तू , मन लगाकर रही तू पढ़ती ,
घर में अपनी माँ के साथ थी , उसके काम में मदद करती,
हो गयी यूँ सोलह बरस की , तुम पर भी आ गयी जवानी ....
अब तू घर में नही बैठती , नजर टी.वी. में आ जाती है,
रखना चाहिए जिनको ढककर, उन अंगों को दिखलाती है ,
शर्म-ओ-हया नारी का गहना , बस ये बात न तुम ने जानी...
जब भी तेरी शादी की हमने, किसी लड़के संग बात चलायी,
न-नुकर ही रही तू करती , कैरिएर की दे- देकर दुहाई ,
अपने सह कर्मी संग तुमने, बिन शादी रहने की ठानी ....
जो अपने थे वो दूर हो गये , सपने चकना-चूर हो गये,
आधुनिकता के थे जो पाले , मन के भ्रम सब दूर हो गये ,
जान गंवाई अपनी बन कर, कभी 'नताशा ' कभी 'शिवानी ' ...
झाड ले पल्ला आधुनिकता से, ओ मेरी 'बिटिया '! ओ मेरी 'बहना ' !
रास तुम्हे नही आई ये जरा भी , मान ले अब भी मेरा कहना ,
लौट आ ! रंग जा भारतीय रंग में ! तभी कहेंगे तम्हे सयानी ....
---- राकेश वर्मा
http://akhrandavanzara.blogspot.com
नारी ! तेरा स्व -रूप देखकर, होती है हमको हैरानी,
कहाँ गया आंचल का दूध , कहाँ गया आँखों का पानी ...
तेरे जन्म से पहले हमने , लाखों पापड़ बेले ,
कई तरह के टेस्ट कराए, कहीं तू जन्म न लेले ,
पर इस दुनिया में आने की , थी तुमने पक्की ठानी .....
बचपन तेरा हमको भाया , पूरा हमने प्यार लुटाया,
लडकी होती धन पराया , यूँ हमने दिल को समझाया ,
जो भी माँगा वो दिलवाया, तेरी हर जिद हमने मानी...
जाने लगी थी फिर स्कूल तू , मन लगाकर रही तू पढ़ती ,
घर में अपनी माँ के साथ थी , उसके काम में मदद करती,
हो गयी यूँ सोलह बरस की , तुम पर भी आ गयी जवानी ....
अब तू घर में नही बैठती , नजर टी.वी. में आ जाती है,
रखना चाहिए जिनको ढककर, उन अंगों को दिखलाती है ,
शर्म-ओ-हया नारी का गहना , बस ये बात न तुम ने जानी...
जब भी तेरी शादी की हमने, किसी लड़के संग बात चलायी,
न-नुकर ही रही तू करती , कैरिएर की दे- देकर दुहाई ,
अपने सह कर्मी संग तुमने, बिन शादी रहने की ठानी ....
जो अपने थे वो दूर हो गये , सपने चकना-चूर हो गये,
आधुनिकता के थे जो पाले , मन के भ्रम सब दूर हो गये ,
जान गंवाई अपनी बन कर, कभी 'नताशा ' कभी 'शिवानी ' ...
झाड ले पल्ला आधुनिकता से, ओ मेरी 'बिटिया '! ओ मेरी 'बहना ' !
रास तुम्हे नही आई ये जरा भी , मान ले अब भी मेरा कहना ,
लौट आ ! रंग जा भारतीय रंग में ! तभी कहेंगे तम्हे सयानी ....
---- राकेश वर्मा
http://akhrandavanzara.blogspot.com
महिला दिवस
विश्व की सभी महिलायों को अंतर राष्ट्रीय महिला दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं .....
राकेश वर्मा
http://akhrandavanzara.blogspot.com
राकेश वर्मा
http://akhrandavanzara.blogspot.com
सन्देश
**** नई पीढ़ी के लिए खुदा के नाम एक प्रार्थना ****
या अल्लाह !!!
उन तमाम स्टुडेंट्स को परीक्षा में कामयाब करना ....
जिन्हें साल भर पढने का टाइम नही मिला ...!
या रब !!!
उन मासूम हाथों को हिम्मत दे ...
जिन्होंने अन-लिमिटेड एस एम एस पैकेज को कभी वेस्ट नही होने दिया ...!!
या खुदा !!!
उन आँखों को पेपर में रौशनी देना ....
जो दिन-रात नेट पर बैठकर कमजोर हो गयी हैं ...!!!
या अली !!!
उन गरीब बच्चे और बच्चीओं की मदद करना जो नाईट -आवर्स में बात करते रहे और पढ़ न सके...!!!!
आमीन .....!!!!!
----- राकेश वर्मा
या अल्लाह !!!
उन तमाम स्टुडेंट्स को परीक्षा में कामयाब करना ....
जिन्हें साल भर पढने का टाइम नही मिला ...!
या रब !!!
उन मासूम हाथों को हिम्मत दे ...
जिन्होंने अन-लिमिटेड एस एम एस पैकेज को कभी वेस्ट नही होने दिया ...!!
या खुदा !!!
उन आँखों को पेपर में रौशनी देना ....
जो दिन-रात नेट पर बैठकर कमजोर हो गयी हैं ...!!!
या अली !!!
उन गरीब बच्चे और बच्चीओं की मदद करना जो नाईट -आवर्स में बात करते रहे और पढ़ न सके...!!!!
आमीन .....!!!!!
----- राकेश वर्मा
रु-ब-रु ...
साहित्यक समारोह
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"सूल सुराही" पत्रिका के नारी लेखक विशेषांक का विमोचन
नंगल में सोमवार की शाम प्रवासी पंजाबी फ्रेंड्स क्लब द्वारा डाक्टर संजीव गौतम के निवास स्थान पर एक साहित्यक समारोह का आयोजन किया गया । इस समारोह का मुख्य आकर्षण पंजाबी त्रैमासिक पत्रिका सूल-सुराही के नारी-लेखक विशेषांक का विमोचन करना था । समारोह के मुख्य-अतिथि लन्दन से प्रकाशित होने वाले पंजाबी मैगज़ीन पंजाब मेल इंटर नेशनल के सम्पादक एवं संचालक स0 गुरदीप सिंह संधू थे । इलाके के प्रमुख बुद्दिजीवियो एवं साहित्य प्रेमी सज्जनों की भरपूर हाजिरी थी । आरम्भ में डॉक्टर गुलज़ार सिंह कंग ने सूल सुराही में प्रकाशित रचनाओं के बारे जानकारी देते हुए बताया कि इस बार पत्रिका में ३६ नारी लेखिकाओं की कुल ६४ रचनाएं प्रकाशित की गयी हैं । कुल ५६ पन्नो के इस अंक में न केवल पंजाब, बल्कि हरियाणा , दिल्ली एवं हिमाचल प्रदेश की लेखिकायों की उच्च स्तरीय रचनाओं को सरदार बलबीर सिंह सैनी एवं बीबी गुरचरन कौर कोचर ने संयुक्त रूप से संपादित किया है । इसमें साहित्यक गतिविधिओं एवं नव-प्रकाशित पुस्तकों बारे में भी जानकारी मुहैया करवाई गयी है ।
पत्रिका के सम्पादक सरदार बलबीर सिंह सैनी , अक्खर चेतना मंच के सरपरस्त श्री राकेश नय्यर , डाक्टर संजीव गौतम एवं रंगकर्मी फुलवंत मनोचा ने सरदार गुरदीप सिंह संधू को स्मृति चिन्ह भेँट किया । इस क अलावा प्रवासी पंजाबी फ्रेंड्स क्लब पदाधिकारिओं ने प्रसिद्ध लेखिका एवं प्रतिष्ठित ब्लॉगर श्रीमती निर्मला कपिला को उनके साहित्य जगत में दिए गये अभूतपूर्व योगदान के लिए एवं जागृति संस्था के निर्देशक श्री प्रभात भट्टी को वन्य जीवों की देखभाल व् पर्यावरण की सुरक्षा हेतु चलाये जा रहे अभियान के प्रोत्साहन के लिए सम्मान चिन्ह दिया।
समारोह के दौरान एक कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमे हरी चंद शर्मा, अशोक राही , युवा शायर अमरजीत 'बेदाग़' , अक्खर चेतना मंच के सचिव राकेश वर्मा , प्रधान देविंदर शर्मा, श्रीमती निर्मला कपिला , डाक्टर संजीव गौतम, इंजीनिअर के. के .सूद ,ने अपनी कविताओं से समा बाँधा । नामवर ग़ज़ल गायक श्री सुनील सिंह डोगरा ने मरहूम शिव बटालवी की गजल सुनाई ।
सरदार गुरदीपसिंह संधू ने इंग्लैंड में रह रहे पन्जाबिओं क बारे में जानकारी देते हुए बताया कि भले ही अभी मंदी का दौर पूरी तरह से ख़त्म नही हुआ पर हमारे लोगों ने अपनी कड़ी मेहनत क बल से कई उच्च मुकाम हासिल किये हैं । उन्होंने पंजाबी भाषा के उत्थान के लिए सभी को सामूहिक प्रयास करने के लिए कहा।
समारोह में अन्य के अलावा पत्रकार गुरप्रीत ग्रेवाल , राकेश सैनी, प्रीतम बरारी , सुरजीत ढेर , टोनी सहगल , चित्रकार देश रंजन शर्मा ,रघु मल्होत्रा, के. के. खोसला, प्रोफेसर जी.एस.चट्ठा एवं एडवोकेट अनुज ठाकुर भी उपस्थित थे । मंच संचालन गुरप्रीत ग्रेवाल ने बहुत उम्दा तरीके से किया । सरदार बलबीर सैनी ने सभी साहित्यकारों एवं उपस्थित जनों के प्रति आभार व्यक्त किया । कुल मिला कर ये समारोह होली के त्यौहार को यादगार बनाने में कामयाब रहा ।
------- राकेश वर्मा
{सचिव }
अक्खर चेतना मंच नंगल
होला मोहल्ला
.............औरन की होली मम होला .............
सिख पंथ के सालाना उत्सव होला मोहल्ला की निराली शान आज एक बार फिर खालसा की जन्मभूमि श्री आनंद पुर साहिब में देखने को मिली ।
गुरु गोबिंद सिंह की लाडली फ़ौज ने घुड़सवारी के अनेक करतब दिखाए और दशम गुरु के इस वाक्य को चरितार्थ किया कि "औरन की होली ... मम होला...."....
विगत कई वर्षों से इस उत्सव को देखने का आनंद हमने आज फिर लिया ...
जिन ब्लॉगर सज्जनों ने इसे देखा है वो तो जानते ही हैं जिन्हों ने नही देखा उनसे प्रार्थना है कि अगले बरस जरूर देखें ...
---- राकेश वर्मा
.... {आनंदपुरी }
सिख पंथ के सालाना उत्सव होला मोहल्ला की निराली शान आज एक बार फिर खालसा की जन्मभूमि श्री आनंद पुर साहिब में देखने को मिली ।
गुरु गोबिंद सिंह की लाडली फ़ौज ने घुड़सवारी के अनेक करतब दिखाए और दशम गुरु के इस वाक्य को चरितार्थ किया कि "औरन की होली ... मम होला...."....
विगत कई वर्षों से इस उत्सव को देखने का आनंद हमने आज फिर लिया ...
जिन ब्लॉगर सज्जनों ने इसे देखा है वो तो जानते ही हैं जिन्हों ने नही देखा उनसे प्रार्थना है कि अगले बरस जरूर देखें ...
---- राकेश वर्मा
.... {आनंदपुरी }
HAPPY HOLI
.....होली मुबारक .....
हिंदी ब्लॉग जगत एवं ब्लॉग वाणी के सभी चाहने वालों को होली के
शुभ-अवसर पर ढेरों शुभ-कामनाएं ....
हो सके तो केवल तिलक लगायें.......
पानी अमूल्य है इसे यथा -संभव बचाएं ....
---- राकेश वर्मा
हिंदी ब्लॉग जगत एवं ब्लॉग वाणी के सभी चाहने वालों को होली के
शुभ-अवसर पर ढेरों शुभ-कामनाएं ....
हो सके तो केवल तिलक लगायें.......
पानी अमूल्य है इसे यथा -संभव बचाएं ....
---- राकेश वर्मा
रु-ब-रु
सभी ब्लॉगर साथियों को सूचित किया जाता है कि नामवर महिला ब्लॉग लेखिका श्रीमती निर्मला कपिला जी के रु-ब-रु एवं सम्मान समारोह की रिपोर्ट के लिए इसी ब्लॉग की २६ फरवरी की पोस्ट देखें ॥
धन्यवाद
----- राकेश वर्मा
{ सचिव }
अक्खर चेतना मंच
नंगल
धन्यवाद
----- राकेश वर्मा
{ सचिव }
अक्खर चेतना मंच
नंगल
श्रीमती निर्मला कपिला से रु-ब-रु


श्रीमती निर्मला कपिला से रु-ब-रु
आनंद भवन क्लब नया नंगल के सभागार में २० फरवरी की शाम को एक साहित्यक समारोह का आयोजनअक्खर चेतना मंच नंगल द्वारा साहित्य कला प्रचार एवं प्रसार मंच नंगल के सहयोग से किया गया । इस समारोहका मुख्य मनोरथ नंगल की नामवर लेखिका श्रीमती निर्मला कपिला जी को साहित्य प्रेमियो एवं बुद्धिजीविओं के रु-ब-रु करवाना था । समारोह के मुख्य अतिथि पंजाबी पत्रिका प्रीत लड़ी की संपादिका बीबी पूनम सिंह एवं संचालक रत्तिकांत सिंह जी थे । प्रमुख व्यवसायी श्री राकेश नय्यर जी कि सरपरस्ती में चलने वाले इस समारोह में निर्मला कपिला जी ने अपने साहित्यक जीवन के अब तक के अनुभव श्रोताओं के समक्ष रखे । गौर तलब है कि निर्मला कपिला जी को जिले की प्रथम ब्लॉग लेखिका होने का सम्मान प्राप्त है । महिला ब्लोगरों की कई संस्थाओं द्वारा उन्हें परुस्कृत भी किया जा चूका है । उनकी रचनाये इन्टरनेट पर वीर बहूटी.ब्लागस्पाट.कॉम पर पढ़ी जासकती हैं ।
अक्खर चेतना मंच के सरपरस्त राकेश नय्यर , प्रधान देविंदर शर्मा , उप-प्रधान संजीव कुरालिया , सचिव राकेश वर्मा द्वारा श्रीमती निर्मला कपिला , बीबी पूनम सिंह , श्री रत्तिकांत सिंह को सम्मान- चिन्ह एवं शाल भेंट किये गये । मुख्य -अतिथि महोदया ने अपने वक्तव्य में निर्मला कपिला के लेखन पर सारगर्भित टिप्पणी की एवं उनकेब्लॉग लेखन कार्य की भरपूर सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी । उन्होंने मंच के प्रयासों की सराहना करने केसाथ-साथ प्रीत लड़ी के मौजूदा स्वरुप के बारे में भी श्रोताओं को अवगत करवाया । समारोह में नंगल के नामवरएवं देश विदेश में प्रसिद्ध ग़ज़ल-गायक श्री सुनील सिंह डोगरा ने अपनी मधुर आवाज़ का जादू बिखेरते हुए खूब समा बांधा । उन्होंने जहाँ श्रीमती कपिला की लिखी ग़ज़लों को स्वयम स्वरबद्ध करते हुए गायन किया वहाँ अपनी सुरीली आवाज़ में शिव कुमार बटालवी की रचनाये सुना कर भी खूब तालियाँ बटोरीं ।
इसी समारोह में एक छोटी सी कवि गोष्ठी का आयोजन भी किया गया । इसमें आनंद पुर साहिब से विशेष रूप से पधारीं ग़ज़ल लेखिका अनु बाला {किरना दा झुरमुट }, युवा शायर अमरजीत 'बेदाग़' , प्रो। योगेश चन्द्र सूद , अशोक राही , अम्बिका दत्त (मेहतपुर), एस डी शर्मा सहोड़ , सरदार बलबीर सिंह सैनी , ने अपनी कविताएं सुनाई ।श्री संजीव कुरालिया जी ने अपनी ताज़ा तरीन ग़ज़ल तरन्नुम में गाकर सभागार में उपस्थित श्रोताओं को अपनेसम्मोहन में क़ैद कर लिया । मंच संचालन की जिम्मेवारी राकेश वर्मा ने निभाई ।
देर शाम करीब सवा नौ बजे तक चले इस समारोह में प्रमुख रंगकर्मी फुलवंत सिंह मनोचा ब्रिज मोहन ठेकेदार , देवराम धामी के इलावा , गुलज़ारसिंह कंग , रघुवंश मल्होत्रा , श्रीमती एवं श्री दर्शन कुमार , संजय सनन , डॉ।संजीव गौतम आर के कश्यप, श्री एम् एम् कपिला रविंदर शर्मा , ईशर सिंह चूचरा , भोला नाथ कश्यपसमाज-धर्म ), सुभाष शर्मा भी उपस्थित थे ।
अंत में अक्खर चेतना मंच के प्रधान देविंदर शर्मा एवं अन्य ने डॉ गौतम, सुनील डोगरा, एवं ब्रिज मोहन कोसम्मान चिन्ह एवं शाल भेंट किये । देविंदर शर्मा जी ने अपने धन्यवाद भाषण में ये विश्वास दिलाया कि अक्खरचेतना मंच ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन कर भविष्य में भी साहित्य के प्रचार एवं प्रसार में अपना योगदान देतारहेगा ।
----- राकेश वर्मा
( सचिव)
अक्खर चेतना मंच